मैं चाह कर भी तुझे बेवफा नहीं लिख सकता,

सौ दफा क्या एक दफा नहीं लिख सकता,

है कागज-कलम से दोस्ती तो क्या,

मैं तेरी बदनामियां नहीं लिख सकता.....

"इन्द्राज योगी"