अंकुर बन सिंचित हो जाओ...'s image
425K

अंकुर बन सिंचित हो जाओ...

अंकुर बन सिंचित हो जाओ,

संकल्प की वीर भौम पर,

शीश उठाकर अंकुरित हो जाओ,

ह्रदय में उपजी विशाल वेदना पर,


सहों! सहनीय-सी प्रवृति तुम्हारी,

कितनी ही पीड़ाएं समेटे प्रकृति हमारी,

ऊंचाई से उठो, बनो तृण गिरि का,

बरसो बन बादल शिख गिरि का,

पार करो बाधा निज जीवन,<

Read More! Earn More! Learn More!