Jab tum Yaad aate ho's image
707K

Jab tum Yaad aate ho

जब तुम याद आते हो,

याद आते हैं मुझे ये नज़ारे।


बस्ती से दूर कोई पर्वत, झरनों की कल-कल का सुकूनी स्वर,

और सियाह रात के आगोश, में डूबा कोई सुनसान शहर ।


बहुत देर तक मैं वहीं बैठ कर उस एकांत को खुद में समेटने की कोशिश करती हूँ, पर हर बार कुछ छूट जाता है,

फिर कहीं दूर से किसी रेल की आवाज़ आती है, और मेरा ध्यान टूट जाता है ।


होश संभालती हूँ, और खुद को हक़ीक़त में पाती हूँ,

और एक ही पल

Read More! Earn More! Learn More!