ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी,
किसी रोते हुए के चेहरे पर मुस्कराहट लाना,
किसी के गमो को बाटना,
किसी के मैं को बहलाना,
किसी के सपनो को पूरा होने में मदद करना,
किसी के उलझनों को सुलझाना,
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी.
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी,
माँ की आँखों का तारा होना,
परमेश्वर सामान पिता से गले मिलकर उनका गर्वान होना,
अपने दुश्मनो को भाई मान स्वीकार करना,
अपने रिश्तो की डोर को निभाना,
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी.
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी
सपने को पूरा करना,
मंज़िलो की चट्टानों का डट कर सामना करना,
अपने विश्वास को दुसरो की ज़िन्दगी में लौऊ जगाना,
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी.
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी,
जब सुबह की किरणे चेहरे पर हसी ला दे,
जब ज़िन्दगी में जीने की उत्तेजना बढ़ा दे,
जब दिल में बेताबियाँ जगा दे,
जब सोच को हवाओ के जैसा आज़ाद रहना सीखा दे,
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी.
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी,
जब इंसान के बनाये सरहदों की सीमाएं मिटा दे,
जब मजहब के नाम पर एक दूसरे की लहू बहाना बंध कर दे,
जब किसी मौहताज की जरूरतों को इंसान इंसान समझा दे,
जब ये भ्रस्ट समाज के खिलाफ आवाज़ एक जुट हो कर उठा दे,
जब ये योन-शोषण, बलात्कार, बेहराम वैश्यपन की जड़े मिटा दे,
जब ये चंद लोगो की वजह से निहहाथो की मौत बंध करा दे,
जब ये समाज में जहर जैसी फैली आग भुजा दे,
जब चाँद के ताली वो प्यारी सी लोरी सुना दे,
ज़िन्दगी इससे हसीन क्या होगी..!!