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आज़ादी तो वो थी...


आज़ादी तो वो थी, जिस रोज़ पांव जमीं पर न टिकते थे।उन पैरों को आज जिम्मेदारियों की बेड़ियों ने गुलाम बना रखा है।

— देव कॉमरेड
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