शोर मचा था गली गली कि देखो आया जादूगर ,
अच्छे दिन और रोज़गार झोली मैं भरकर लाया जादूगर
पहले तो उसने तरह तरह के करतब करके दिखलाए
करतब भी ऐसे कि सबके मन को भाया जादूगर
घर बार छोड़ सब लोग लुगाई उसके पीछे दौड़ पड़े
अपनी तिलस्मी बातों से ऐसा भरमाया जादूगर
वश मैं किया सभी लोगो को और दिया मूछों पे ताव
४६ इंच का सीना करके बड़ा इतराया जादूगर
खुदा बनाकर जादूगर को सर पे अपने बिठा लिया
अपनी धुन पर लोगो को फिर खूब नचाया जादूगर
हवाई मार्ग से आता जाता वो देशों की सैर लगाता
एक पल मैं यहां एक पल मैं वहां जैसे है साया जादूगर
एक रोज मचा फिर हाहाकार लोग तड़प कर मरने लगे
देख के गुस्सा लोगो का थोड़ा घबराया जादूगर
बांध फकीरी झोला अपना वो दुम दबाकर भाग गया
फिर उसके बाद कभी न वापस लौट के आया जादूगर

