आज का सुकून पाने के लिए,कितने पलों के समझौते हैं,ख़्वाबों को हक़ीक़त बनाने मेंछोड़े कितने न्यौते हैं :-)
आज का सुकून पाने के लिए,कितने पलों के समझौते हैं,
ख़्वाबों को हक़ीक़त बनाने मेंछोड़े कितने न्यौते हैं :-)