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२०२२


२०२२ - की चाह में ,२०२१ - की ख्वाहिशें मर गई ,

२०२० - २१ ने दिल को खूब ज़ख्म दिये हैं ,२०२२ - की सुगबुगाहट आधे जख्म भर गई ,

— रोहित के.डी.
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