हर कोई अपने मतलब की सरकार मांगेगा सिर्फ उसकी ही सुने ऐसा सरदार मांगेगा सियासी पन्नों पर सिर्फ उनके ही चर्चे हों.. हर कोई अपने मतलब का अख़बार मांगेगा।