अ आ से शुरू
अक्षरों का
ये ताना बाना
जो पढ़ाया
हम बुनते गये
जो बताया
हम सुनते गये
जो सिखाया
हम सीखते गये
फिर बुने शब्दों ने
जीवन में
कहानियाँ गढ़ीं
जिन्हें सुनकर
हम खोते रहे
हम फँसते रहे
हम धंसते रहे
न निकलना
सिखाया था किसी ने
न ख़ुद से
सीख पाए हम
- आयुष
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