तुम्हें मुझसे यह शिकायत तो होगी,
मुझसे मिलने की चाहत तो होगी,
मैं आता तुम्हारे दरवाज़े पर,
लेकिन,
वक़्त से थोड़ी राहत तो होती।
ज़िन्दगी, दौड़ती है, भागती है,
मग़र रुकती नहीं,
काश! इसे ठहरने की आदत तो होती।


तुम्हें मुझसे यह शिकायत तो होगी,
मुझसे मिलने की चाहत तो होगी,
मैं आता तुम्हारे दरवाज़े पर,
लेकिन,
वक़्त से थोड़ी राहत तो होती।
ज़िन्दगी, दौड़ती है, भागती है,
मग़र रुकती नहीं,
काश! इसे ठहरने की आदत तो होती।