गद्य की विधाओं में रचित लेखन का सबसे बड़ा संग्रह, बेहतरीन कहानियाँ, उद्धरण, कहावतें, आत्मकथा, हास्य-व्यंग्य, निबंध, अनुवाद और अन्य समस्त विधाओं में रचित लेखन को यहाँ पढ़ा जा सकता है, हिंदी गद्य-संग्रह - कहानियाँ, लेख, निबंध और दूसरी विधाएं | हिंदवी | हिंदी गद्य-संग्रह - कहानियाँ, लेख, निबंध और दूसरी विधाएं | हिंदवी


गद्य की विधाओं में रचित लेखन का सबसे बड़ा संग्रह, hindwi.orgबेहतरीन कहानियाँ, उद्धरण, कहावतें, आत्मकथा, हास्य-व्यंग्य, निबंध, अनुवाद और अन्य समस्त विधाओं में रचित लेखन को यहाँ पढ़ा जा सकता है

https://www.hindwi.org/prose



मानव सभ्यता के विकास में मनुष्य की महती उपलब्धि का वह चिरस्मरणीय दिन था जिस दिन उसने अपने भावो और विचारों को कालान्तर में लिपि का आविष्कार किया| सौन्दर्य प्रियता मनुष्य की एक प्रधान मनोवृत्ति है| उसकी इस मनोवृत्ति की प्रेरणा से ही सभ्यता, संस्कृति, कला एवं साहित्य का विकास हुआ है| मानव भावो, विचारों, कल्पनाओं एवं अनुभूतियों की लालित्यपूर्ण अभिव्यक्ति ही साहित्य है| अभिव्यक्ति के माध्यम से साहित्य के दो रूप माने गये है – ‘गद्य’ और ‘पद्यजो विचारपूर्ण एवं वाक्यबद्ध रचना छन्द, ताल, लय एवं तुकबन्दी के बन्धन से मुक्त हो, गद्य कहलाता है। गद्य शब्द गद् धातु के साथ यत् प्रत्यय जोड़ने से बनता है। गद् का अर्थ होता है— बोलना, बतलाना या कहना। सामान्यत: दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाली बोलचाल की भाषा में गद्य का ही प्रयोग किया जाता है। गद्य की लक्ष्य विचारों या भावों को सहज, सरल एवं सामान्य भाषा में विशेष प्रयोजन सहित संप्रेषित करना है। ज्ञान-विज्ञान से लेकर कथा-साहित्य आदि की अभिव्यक्ति का माध्यम साधारण व्यवहार की भाषा गद्य ही है, जिसका प्रयोग सोचने, समझने, वर्णन, विवेचन आदि के लिए होता है।



https://www.hindwi.org/prose