जिधर देखो वही किस्सा कहानी है

मुकम्मल यार किसकी ज़िंदगानी है


लबों पर है हँसी आँखों में पानी है

यही बस ज़िंदगानी की कहानी है


मिला धोका हमें मासूम सूरत से

अदा भोली मगर सीरत सयानी है


भरम खुलने लगा जादू बयानी का

हक़ीक़त में कहानी फिर कहानी है


मुहब्बत ख़ुदकुशी का नाम है प्यारे

तुझे क्या ज़िंदगी अपनी गँवानी है


सफ़र की गर्द क़दमों से नहीं जाती

कि हमने उम्र भर ही ख़ाक छानी है


जिगर का दर्द होता है बयाँ 'हिमकर'

छुपी हर्फ़ों में दिल की तर्जुमानी है


~ हिमकर श्याम