आये हैं ऋतुराज's image
Poetry1 min read

आये हैं ऋतुराज

Himkar ShyamHimkar Shyam February 18, 2022
Share0 Bookmarks 63966 Reads1 Likes
सृष्टि नव पल्लवित हुई, अतुल मदन श्रृंगार।
जड़ता में होने लगा, ऊष्मा का संचार।।

पीत मुकुट धारण किये,आये हैं ऋतुराज।
धरणी धानी हो गई, नवल वधू सा साज।।

खेतों में लहरा रहे, सरसों के पीले फूल।
आम्र मंजरी पान में, भँवरे हैं मशगूल।।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts