वों खुद एक प्यारा सा बगीचा है

उसे गुलाब देना नाइंसाफी है

जिसके प्यार में शैतान भी रो पड़े

वहीं तो मेरी प्यारी है

मेरी गलतियों को सुधारने वाली

मेरी अच्छाइयों को निहारने वाली

उसकी मुस्कान ऐसी की

की एक पल में सब कुछ मिल जाए

और चुप्पी ऐसी की

दिल दहल दहल जाए

हम सब कुछ कह कर भी

कुछ कहने को बेताब रहे

वो कुछ ना कह कर भी

सब कुछ बेबाक बोल रहे

मुताबिक उनके ये हश्र सामने आया है

जो साथ उनके रहा उन्हीं को खुदा बनाया है

 प्यार वही जो यार कहे

यार वहीं को प्यार कहे

उसकी कुबत का नजराना 

कुछ किस अंदाज में हुआ

की वो हस्ते हस्ते बोल उठे

हम मरते मरते हस बोल उठे

खेर

जो होना था वो हो लिया

जिसे जिसका होना था वो हो लिया

इश्क़ से पहले

मुझे हसने हसानें से इश्क़ था

पर दूसरों पर विश्वास ने मेरे

सारे वहम दूर किए

और मुझे मेरी कल्पना से दूर खीच लाए