उमंग का श्रृंगार करो,

उठो और अपने लक्ष्य पर प्रहार करो,

बाधाओं से विचलित न हो

निरंतर तुम अभ्यास करो,

कठिनाइयों को शत्रु समझ

इनका तुम संहार करो,

पराजय से सीख लेकर

फिर एक नई उमंग से शुरूआत करो

शून्य से नहीं अब अपने अनुभव से वार करो।।