पंखुरी एक पुष्प की,
जो पुष्प से अलग हुई,
इक वेदना, इक टीस पुष्प के ह्रदय में बस गई !!
जीवन था अर्पित कर दिया उस पंखुरी के साथ जो,
तो क्यों वो यूँ विभक्त हो, विरक्त मन को कर गई !!
पंखुरी एक पुष्प की ।।


पंखुरी एक पुष्प की,
जो पुष्प से अलग हुई,
इक वेदना, इक टीस पुष्प के ह्रदय में बस गई !!
जीवन था अर्पित कर दिया उस पंखुरी के साथ जो,
तो क्यों वो यूँ विभक्त हो, विरक्त मन को कर गई !!
पंखुरी एक पुष्प की ।।