लिखे हुए पुराने पन्नो के,

ढेर जलाये जा रहे है,

वो मोहब्बत के सारे के सारे

पैगाम जलाये जा रहे है।

छुपा देगा वो सारे,

राज़ जमाने भर से,

सुना है आँसुओ के भीगे,

रुमाल जलाये जा रहे है।

®(हैयान)

11:46 रात्र

10 फरवरी 2021

घाटा का गाँव