तब तक चलेगी ये हवा मुझ पे। जब तक की तेरी खुशबु दिल में उतर न जाये। उतर न जाना तू छत से दिलबर कही ये दिल मेरा फिर बेठ न जाये।। कहता हु की तू आने दे हवा को यु ही टकराके तुझसे। में चाहता हु कि ये जिन्दगी फिर यु ही गुजर ही जाये। ®(हैयान)