बहती हुई दर्द में,

अब घुल चुकी है दुआ

आँसू आ जाएंगे, 

जज्बातो की तरह।


बात ये कल की तो है 

टूटा था दिल भी मेरा,

गम को तो सीने में,

तू ना रोक सका।


ए मेरे दिल,तू ही बता,

क्या करूँ मैं, क्या फैसला।

®(हैयान)

10:32 सांय

10 फरवरी 2021

घाटा का गाँव