है क्या वजह जो ये फासले हुए है।

हम तुम दोनों, जुदा हो गए।

क्या थे जो वादे अधूरे रहे है,

ईश्क के इरादे, फना हो गए है।


है अधूरी याद भी,

आंखो के आंसू टूटे हुए है।

सांसे हमारी उखड़ भी रही है,

सपने हमारे छूटे हुए है।


कैसे जताए ये दर्द कहा है।

सीने में दो दिल टूटे हुए है।

रोन के सारे पहलू कहा है।

छिपते थे जिनमे, वो बिखरे हुए है।

®(हैयान) डूंगरपुरिया

04:28 सांय

02 मई 2025

घाटा का गांव