शून्य


सब कुछ जैसे शून्य ही था

तब से लेकर आज तक,

तुम्हारा होना भी

तुम्हारा ना होना भी

तुमसे मिलने से पहले भी 

तुम्हारे जाने के बाद भी 

सब कुछ जैसे शून्य ही तो था

शून्य ही तो था .... 

शून्य ही था ....

शून्य था ...!