छाये रहते है काले बादल घने,पर वो बरसात अब नही होती.अब भी होती है कई बातें,पर है जो बेहद जरूरी बात वो नही होती.मिलाते है हाथ कभी गले भी मिलते है,पर अब पहले सी मजबूत पकड़, हाथो की नही होती
छाये रहते है काले बादल घने,पर वो बरसात अब नही होती.
अब भी होती है कई बातें,पर है जो बेहद जरूरी बात वो नही होती.
मिलाते है हाथ कभी गले भी मिलते है,पर अब पहले सी मजबूत पकड़, हाथो की नही होती