बहेतर है इश्क़ से सिर्फ फैफड़े जलाती है,दिल पे उसका कोई असर नही.इस लिए में किसी को मुह नही लगाता,एक बार लगायी थी सिगरेट अब तक आदत छुटी नही.
बहेतर है इश्क़ से सिर्फ फैफड़े जलाती है,दिल पे उसका कोई असर नही.
इस लिए में किसी को मुह नही लगाता,एक बार लगायी थी सिगरेट अब तक आदत छुटी नही.