चुभ जो सका, उंगली में तेरे
तेरे रक्त लगे बदन में ऐसे
की दर्द से तेरे ,मेरा नाम जुड़ा
कांटा हूं मैं, या राज़ कोई
जगा जो सका,नींद से तुझे
सपने अधूरे से छूट गए ऐसे
की हकीक़त से तेरे ,मेरा नाम जुड़ा
एक ख्वाब हूं मै, या राज़ कोई
बहका जो सका, बातों से तुझे
बिन बोले ही समझा दिया ऐसे
की लफ्ज़ से मेरे ,तेरा नाम जुड़ा
शायर हूं मै, या राज़ कोई
(हेमन्त)
