लौट चलेंगे कॉलेज हम भी,पहले फरमान तो आने दो ।खुलने लगेंगी किताबें फिर से, इम्तेहान तो आने दो ।छूटा हुआ सिलेबस इतना , पहाड़ के जैसा लगता हैखत्म सब कर देंगे ,बस पढ़ने का अरमान तो आने दो ।
लौट चलेंगे कॉलेज हम भी,पहले फरमान तो आने दो ।
खुलने लगेंगी किताबें फिर से, इम्तेहान तो आने दो ।
छूटा हुआ सिलेबस इतना , पहाड़ के जैसा लगता है
खत्म सब कर देंगे ,बस पढ़ने का अरमान तो आने दो ।