मुमकिन नहीं कि हर कहानी, पूरी हो जाए,

रहती हैं करीब यादें, अगर दूरी हो जाए।

डूबती है जैसे नदी, समंदर के आगोश में,

चल एक-दूजे के वास्ते, हम ज़रूरी हो जाएं।


जो फासले करें कम, वो धङकने जगाएं,

सफर बने ये आसान, कोई प्रणय गीत गाएं,

ख्वाहिशें जो हैं अधूरी, आज पूरी हो जाएं,

चल एक-दूजे के वास्ते, हम ज़रूरी हो जाएं।


रूहों के मिलन से, वफ़ा का आगाज़ हो जाए,

मिट जाएं तन्हाइयां, इश्क आबाद हो जाए,

दिन बनें ये आफ़ताबी, शामें सिंदूरी हो जाएं,

चल एक-दूजे के वास्ते, हम ज़रूरी हो जाएं।


चल डालकर एक रस्सी, आसमान तक जाएं,

दूर चांद पर एक, अपना आशियाना बसाएं,

मिल न पाएं दुनिया को, मृग कस्तूरी हो जाएं,

चल एक-दूजे के वास्ते, हम ज़रूरी हो जाएं।


- हेमंत