मेरा आज, मेरा कल, मेरा हर ख्वाब हो तुम

ज़माने से ना छुपाया जा सका वो राज हो तुम


कभी रोशन हो आफ़ताब से, कभी सुकून देता माहताब हो तुम

मेरे उलझे, अनसुलझे सब सवालों का जवाब हो तुम


मेरा आज, मेरा कल, मेरा हर ख्वाब हो तुम


हाथों की लक़ीर, मेरी तक़दीर, मेरे जीने का अंदाज़ हो तुम

मेरे शब्दों के बोल, कानो में गूंजते गीतों का साज़ हो तुम


मेरा आज, मेरा कल, मेरा हर ख्वाब हो तुम


आशा, उत्साह, उल्लास, उमंग, जीवन का हर रंग हो तुम

मधुर, सुनहरा है अपना हर पल जब से मेरे संग हो तुम


मेरा आज, मेरा कल, मेरा हर ख्वाब हो तुम  


-हेमंत