हम ये कैसी कशमकश में फंसे हैं,
दिन तो बहुत हैं, साल कम बचे हैं,
झंड तो थी ही, मोहब्बत और दे दी,
जिंदगी ने भी जाने कैसे खेल रचे हैं.
@अनुभव_मिश्रा❣️✍️


हम ये कैसी कशमकश में फंसे हैं,
दिन तो बहुत हैं, साल कम बचे हैं,
झंड तो थी ही, मोहब्बत और दे दी,
जिंदगी ने भी जाने कैसे खेल रचे हैं.
@अनुभव_मिश्रा❣️✍️