क्या मान भी जाओगी
अगर बता दू ,
सपने में कल रात
तू ने मुज़से प्यार किया  ?
और बार बार किया ,
जिसका
दिनभर बस इनकार किया  ?
और मान भी जाओ तो,
क्या कर पाओगी
बात रात की  ?
दिन में
क्या दोहराओगी
इकरार रात की  ?