वो मासूमियत, बिखरे से उनके केश चेहरे पर ।लिखना चाहता था मैं भी कुछ विशेष चेहरे पर।उनकी आंखों के नशे में हम कुछ ऐसे गुम हुए।नजर पहुंच ही नहीं सकी फिर उनके शेष चेहरे पर ।।
वो मासूमियत, बिखरे से उनके केश चेहरे पर ।लिखना चाहता था मैं भी कुछ विशेष चेहरे पर।
उनकी आंखों के नशे में हम कुछ ऐसे गुम हुए।नजर पहुंच ही नहीं सकी फिर उनके शेष चेहरे पर ।।