हमारी हर बात को बिना समझे ना नकारा करो,कभी खुशियों के लम्हों में भी हमें पुकारा करो।हम तो आशिक़ हैं, तुम्हारी हर बात मान लेंगे,जान भी दे देंगे अपनी, जान बस इशारा करो।
हमारी हर बात को बिना समझे ना नकारा करो,कभी खुशियों के लम्हों में भी हमें पुकारा करो।
हम तो आशिक़ हैं, तुम्हारी हर बात मान लेंगे,जान भी दे देंगे अपनी, जान बस इशारा करो।