समय बड़ा बलवान है ,
ये कहा कभी रुकता है
ना घमंड किसी का टिकता है
ना रोग किसी का रहता है ।
जो आज तुम्हारे साथ है,
वह कल बिछुड़ भी सकता है,
जो आज बड़ा बलवान है ,
वो कल निर्बल हो सकता है।
सब बह जाता है इसके भीतर
हर्ष , द्वेष , ग्लानि , दुख
कुछ नहीं अंत मे रहता है ।
-हर्षित सिंह ।

