जिससे अनबन हो ना तनिक भी ,

ऐसा मित्र भी केसा मित्र ,

अनबन से ही बनती और भी 

गहरी , घनिष्ठ , गम्भीर मित्रता ।


और यदि अनबन के बाद भी

ना हो सुलह बीच दोनों के 

वो सौदा था जो हुआ अब पूरा 

ऐसी होती ही नहीं मित्रों मित्रता । 

 

- हर्षित ।