सच कहना डर है या डरना सच है,
प्रदर्शित सच सर है या समुद्र सच है,
सच की जीत ही होती है या होती थी
सच ईश्वर है या खामोशी सच है।
सच की राह में चल कर तो देखो,
आसान से कठिन को चुनकर तो देखो,
जीवन खुशहाल हो सकता है
एक बार सच बोलकर तो देखो।
-हर्षित कुशवाहा


सच कहना डर है या डरना सच है,
प्रदर्शित सच सर है या समुद्र सच है,
सच की जीत ही होती है या होती थी
सच ईश्वर है या खामोशी सच है।
सच की राह में चल कर तो देखो,
आसान से कठिन को चुनकर तो देखो,
जीवन खुशहाल हो सकता है
एक बार सच बोलकर तो देखो।
-हर्षित कुशवाहा