
जादू देखना हो
शेरो- शायरी सुननी हो
रोटी खानी हो
रंग पहचानना हो,तो
आइए ,सभी आमंत्रित हैंं
सज चुका राजनीति का रंगमंच है
किरदारों का अभिनय शानदार
कब करूण कब हास्य
चुनौती है यह रहस्य
नये नये खेल हैं नाटक में
जीत छुपी है ताकत में
गीत - संगीत का क्या कहना
जैसे बाढ में नदी का बहना
दृश्यों में रोमांच है
टूटता सच का काँच है
परदे के पीछे से निर्देश है
मुखौटों के कई भेष हैं
कहने में सेवा -सेवा है
अर्थ में मेवा - मेवा
Read More! Earn More! Learn More!
