खोज माँगे परिश्रम की अग्नि में तपना

कुछ पानी लेकर बैठें हैं तोड़ने सपना

गेहूँ से आटे की कीमत जाने किसान 

मीन मेख में कागा भूला रोटी का गुणगान

मुश्किल है नया करने के लिये सोचना

कितना आसान है किसी की आलोचना

जब कोई सफल हो,तो उसकी किस्मत

न देखनी मेहनत, न आँसुओं से पूछना

जब कोई कर्म कर असफल हो, तो

सम्मान की परतों को शाब्दिक हथौड़े से खोलना

 मुश्किल है नया करने के लिये सोचना

कितना आसान है किसी की आलोचना

परिस्थिति से हारे खुद कुछ करने में असमर्थ

योग्यता है हँसी में अपनी कमी छुपाना

प्रयासों को तुलनात्मक आकार देकर

उद्देश्य में पूर्ति से संतुष्ट हो जाना

मुश्किल है नया करने के लिये सोचना

कितना आसान है किसी की आलोचना

तंजों के लिए कठिन है मेरा रास्ता रोकना

सीख लिया मैंने अपने आराम को झोंकना

संघर्ष में जीत पर विराम कोई लगा नहीं सकता

जब यात्रा में प्रेरणा बन जाये आलोचना

ज़िन्दगी में जरूरी है आलोचना अनुपात में

अधिक कटाक्ष से दूरी बढ़े रिश्तों के साथ में

 अब तो जीवन में अपने लिए भी कुछ कर लो

या काम आता है सिर्फ कमी देखना सब में

 बढ़ती ज़िन्दगियों को तनाव पैदा कर रोकना

कभी मेहनत करने के लिये खुद सोचना

छांव के लिए कभी खुद पौधे को रोंपना

तब पेड़ बनने तक धैर्य को सोचना

मुश्किल है नया करने के लिये सोचना

कितना आसान है किसी की आलोचना

- हर्षित कुशवाहा