आलोचना's image

खोज माँगे परिश्रम की अग्नि में तपना

कुछ पानी लेकर बैठें हैं तोड़ने सपना

गेहूँ से आटे की कीमत जाने किसान 

मीन मेख में कागा भूला रोटी का गुणगान

मुश्किल है नया करने के लिये सोचना

कितना आसान है किसी की आलोचना

जब कोई सफल हो,तो उसकी किस्मत

न देखनी मेहनत, न आँसुओं से पूछना

जब कोई कर्म कर असफल हो, तो

सम्मान की परतों को शाब्दिक हथौड़े से खोलना

 मुश्किल है नया करने के लिये सोचना

कितना आसान है किसी की आलोचना

परिस्थिति से हारे खुद कुछ करने में असमर्थ

योग्यता है हँसी में अपनी कमी छुपाना

प्रयासों को तुलनात्मक आकार देकर

उद्देश्य में पूर्ति से संतुष्ट हो जाना

मुश्किल है नया करने के लिये सोचना

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