यही रहूँगा,


किताबो में छुपे पुराने 

प्रेम पत्रो की तरह,

उन पत्रो में किये गए 

अधूरे वादों की तरह।


यही रहूँगा,

किसी पुरानी चीज़ में

उसके अधूरेपन की तरह।


©हर्ष दीप मिश्रा