ना जाते दिखता हैं ना आते दिखता हैं ना तलवार से वार करता हैं ना बन्दूक से छलनी करता हैं बिना शस्त्रो के कितने रिश्तो का कत्ल करता हैं ये सब शब्दों का मायाजाल हैं   किसी को दोस्त बनाता हैं किसी को दुश्मन बनाता हैं किसी को अपना बनाता हैं किसी अपने को दूर ले जाता हैं बिना माचिस के जले ये हजारों के दिल दहलाता हैं ये सब शब्दों का मायाजाल हैं   कोई वक़्त को कोसता हैं कोई किस्मत को कोसता हैं कोई बैठ जाता हैं दुनिया से रुठकर कोई उनही को गलत साबित करने में लग जाता हैं पत्थर से दिल को पिघलाकर मोम और मोम दिल को पत्थर बना देता हैं ये सब शब्दों का मायाजाल हैं