तुम्हारा दूर जाना कुछ यूं रहाजैसे मेरी देह का कोई अहम अंगअलग हो गयामेरी इस अपंगता के लिएसंसार की सारी बैसाखियांफिजूल ही रहेंगी
तुम्हारा दूर जाना कुछ यूं रहाजैसे मेरी देह का कोई अहम अंगअलग हो गया
मेरी इस अपंगता के लिएसंसार की सारी बैसाखियांफिजूल ही रहेंगी