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तेरा जाना


तुम्हारा दूर जाना कुछ यूं रहाजैसे मेरी देह का कोई अहम अंगअलग हो गया

मेरी इस अपंगता के लिएसंसार की सारी बैसाखियांफिजूल ही रहेंगी

— हर्ष सक्सेना
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