थोड़े से नरम मिजाज बनो (कविता)'s image
Poetry1 min read

थोड़े से नरम मिजाज बनो (कविता)

हरिशंकर सिंह सारांशहरिशंकर सिंह सारांश October 14, 2023
Share0 Bookmarks 65947 Reads1 Likes
मेरी लेखनी मेरी कविता 
थोड़े से नरम मिजाज बनो
(कविता) शिक्षक विशेषांक 

कलम हाथ में
लेकर अपने
जीवन की पतवार बनो ।।
थोड़े बनो कठोर मगर
 थोड़े से नरम मिजाज बनो।।  

कोमल स्वभाव बच्चों का है 
 लेकिन बस इतना याद रहे
 ऊंँच नीच और सच्चाई

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts