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"रोशनी तुझसे चले मन में तेरे विश्वास हो"(कविता)

हरिशंकर सिंह सारांशहरिशंकर सिंह सारांश October 13, 2023
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता 
"रोशनी तुझसे चले मन में तेरे विश्वास हो "
"कविता " मानव विशेषांक 

रोशनी तुझसे चले
मन में तेरे विश्वास हो।
 
आंँधियों से पार पाने की
 तमन्ना ,मन में भरा जज्बात हो
 जो दिखाए पथ पथिक को

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