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रास्तों का मीत बन (गीत)

हरिशंकर सिंह सारांशहरिशंकर सिंह सारांश March 5, 2023
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मेरी लेखनी ,मेरी कविता
रास्तों का मीत बन 
(गीत)

रास्तों का मीत बन
तू प्रेम गीत गाए जा ।
ये जिंदगी है कौम की
तू कौम पर लुटाए जा।।

आसान हो ये जिंदगी
या मुश्किलों का दौर हो। 
तेरी जुबाँ के शब्द पर
ना बेतुकी का जहर हो।।  
तू मीठे बोल बोल के
आगे कदम बढ़ाए जा ।।

ये जिंदगी है कौम की
तू कौम पर लुटाए जा
 रास्तों का मीत बन
 तू प्रेम गीत गाए जा।
 ये जिंदगी है कौम की
 तू क

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