पाठ प्रेम का पढ़े चलो (कविता)'s image
460K

पाठ प्रेम का पढ़े चलो (कविता)

मेरी लेखनी मेरी कविता 
पाठ प्रेम का पढ़े चलो
 (कविता)

फूल बिछे हों या हों कांटे 
राह न अपनी छोड़ो तुम
चाहे जो भी विपदा आएँ
मुख को जरा न मोडो तुम ।।

साथ रहें या रहें न साथी 
हिम्मत कभी न छो
Read More! Earn More! Learn More!