ज्ञान की डोर थाम (कविता )'s image
Poetry1 min read

ज्ञान की डोर थाम (कविता )

हरिशंकर सिंह सारांशहरिशंकर सिंह सारांश March 16, 2023
Share0 Bookmarks 59693 Reads1 Likes
मेरी लेखनी मेरी कविता 
ज्ञान की डोर थाम (कविता )

ज्ञान  की डोर थाम
जीवन को मुकम्मल बना,
भौतिकता की चाह में
क्यों भागता  फिरता भला ।

जिंदगी के सफर में
 ज्ञान तेरा पास हो,
तू जहां पर खड़ा हो
हरगिज़ न काली रात।।

काम आए सभी के 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts