मेरी लेखनी मेरी कविता
हम रहें जब तक हमारा हौसला जिंदा रहे
(कविता)
जिंदगी का जिंदगी से
वास्ता जिंदा रहे
हम रहें जब तक हमारा
हौसला जिंदा रहे
वक्त ने मानाे हमारे बीच
रख दी दूरियां
कोशिश है कि उनके दिल में
रास्ता जिंदा रहे।।
प्यार से सुलझाइए
हल गुत्थीयाँ हो जाएंगी।
जब तलक संसार है
यह फलसफा जिंदा रहे।।
हम रहें जब तक हमारा
हौसला जिंदा रहे ।।
मेरी कविता मेरे गीत
मीत के दिल में सदाँ
अंँत तक जिंदा रहे ।
हम रहें जब तक हमारा
हौसला जिंदा रहे।।
हरि शंकर सिंह सारांश


