मेरी लेखनी मेरी कविताचेहरे पै चेहराहमनेचेहरे पै चेहरा लगाकर देखाजो लोग बिछड़ गए थे हमसेउनको भी नजदीक आते देखा ।।
मेरी लेखनी मेरी कविताचेहरे पै चेहरा
हमनेचेहरे पै चेहरा लगाकर देखाजो लोग बिछड़ गए थे हमसेउनको भी नजदीक आते देखा ।।