चंँचल जी पवन सर सर करती( कविता)'s image
1 min read

चंँचल जी पवन सर सर करती( कविता)

हरिशंकर सिंह सारांशहरिशंकर सिंह सारांश February 11, 2022
1 Bookmarks 11041 Reads1 Likes
चंँचल जी पवन
 सर सर करती, 
संदेश नया फैलाती ।

निज पथ
  पर तू चलता जा बस,
 हर मानव को सिखलाती ।

चंँचल सी पवन
 सर सर करती ,
संदेश नया फैलाती।

 हर दिवस नया नूतन तेरा
 तू आगे बढ

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts