मेरी लेखनी ,मेरी कविताघूमता क्यों इस कदर ,तू वक्त की पहचान करले।जिंदगी है काम की ,तू जिंदगी से प्यार कर ले।ए बटोही वक्त कीपहचान कर ले ।।
मेरी लेखनी ,मेरी कविता
घूमता क्यों इस कदर ,तू वक्त की पहचान करले।
जिंदगी है काम की ,तू जिंदगी से प्यार कर ले।
ए बटोही वक्त कीपहचान कर ले ।।