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बीज प्रेम का


बीज प्रेम का बोएरिश्तों की ज़मीं पर,महक दूर तक जायेगी

गर मिटा न पाएनफ़रत की खरपतवार,ज़मीं बंजर हो जायेगी

— हरीश
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